चौमहला। दीपावली के अगले दिन मनाए जाने वाले पारंपरिक पर्व गोवर्धन पूजा एवं अन्नकूट महोत्सव को लेकर नगर और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को पूरे दिन भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।इस वर्ष दो दिन अमावस्या तिथि होने के कारण गोवर्धन पूजा बुधवार, 22 अक्टूबर को की गई। प्रातःकाल से ही महिलाओं ने ब्रह्ममुहूर्त में स्नान कर 16 श्रृंगार किए और परंपरानुसार गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर उसके चारों ओर गन्ने, पेड़-पौधे और दीप सजाकर पूजा-अर्चना की।महिलाओं ने श्रद्धा पूर्वक पकवान बनाकर भगवान श्रीकृष्ण को अन्नकूट भोग अर्पित किया। इस पूजा को प्रकृति और पर्यावरण की आराधना माना जाता है, जिसकी परंपरा भगवान श्रीकृष्ण द्वारा ब्रजभूमि में प्रारंभ की गई थी। इस दिन गोवर्धन पर्वत और गौमाता की पूजा कर समाज में प्रकृति और पशुधन के महत्व का संदेश दिया जाता है।
नगर के प्रमुख मंदिरों — सत्यनारायण मंदिर, श्रीराम-हनुमान मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर सहित विभिन्न धर्मस्थलों पर दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। दोपहर में महाआरती के बाद अन्नकूट प्रसादी का वितरण किया गया। मंदिरों को पुष्पमालाओं, रंग-बिरंगी झालरों और रोशनी से सजाया गया था। भजन-कीर्तन की मधुर ध्वनि से संपूर्ण वातावरण भक्ति और उल्लास से सराबोर हो उठा।
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