रावण दहन पर मचा बवाल: ईओ का सख्त बयान, "लापरवाही बर्दाश्त नहीं"

कपिल चौहान | भवानीमंडी: विजयादशमी पर पचपहाड़ में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम इस बार विवादों में घिर गया है। नगर पालिका द्वारा तैयार किया गया रावण का पुतला पूरी तरह से नहीं जल पाया, जिससे श्रद्धालुओं में निराशा फैली और स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर भी विरोध के स्वर तेज़ हो गए।

भाजपा पार्षदों का विरोध

शनिवार सुबह-सवेरे ही भाजपा पार्षद मंडल अध्यक्ष प्रदीप जैन के नेतृत्व में कार्यकर्ता नगर पालिका कार्यालय पहुँचे और जमकर विरोध जताया। पार्षदों ने आरोप लगाया कि रावण दहन का टेंडर लेने वाली फर्म ने लापरवाही बरती और धार्मिक कार्यक्रम की गरिमा के साथ खिलवाड़ किया।

जैन ने मांग की कि

टेंडर लेने वाली फर्म को ब्लैकलिस्ट किया जाए। भुगतान रोका जाए।भविष्य में ऐसे आयोजनों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।

पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष गुर्जर का सुझाव

वहीं, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रामलाल गुर्जर ने कहा कि धार्मिक परंपराओं से जुड़े आयोजनों में अनुभवी कलाकारों को ही जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि केवल वही फर्म इस तरह का काम करे जिनके पास रावण पुतला निर्माण का प्रमाणित अनुभव हो।

ईओ का कड़ा वर्ज़न

इस पूरे विवाद पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी मनीष मीणा ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा- धार्मिक आयोजनों में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं होगी। संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। आगामी टेंडर प्रक्रिया में अनुभव प्रमाण पत्र अनिवार्य किया जाएगा, ताकि अव्यवस्था और लापरवाही की गुंजाइश न रहे। पारदर्शिता और अनुशासन के साथ ही धार्मिक कार्यक्रमों की गरिमा बनाए रखना हमारी प्राथमिकता है। ईओ मीणा ने भरोसा दिलाया कि इस बार की गलती को सबक बनाकर आने वाले आयोजनों को और बेहतर व व्यवस्थित ढंग से कराया जाएगा।

यह है मामला

दरअसल, विजयादशमी पर नगर पालिका की ओर से तैयार किया गया रावण का पुतला पचपहाड़ में आयोजित दहन कार्यक्रम के दौरान पूरी तरह से नहीं जल पाया। इस घटना ने श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुँचाई। इसके बाद लोगों में नाराजगी बढ़ी और सोशल मीडिया पर भी विरोध के स्वर गूंजने लगे।

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