कपिल चौहान | भैसोदामंडी : भैसोदा नगर परिषद द्वारा प्राचीनतम भैसोदा तालाब पर मूर्ति विसर्जन के लिए की गई बेहतरीन व्यवस्थाओं की चर्चा सिर्फ नगर तक सीमित नहीं रही, बल्कि आसपास के सिमावर्ती राज्यों और शहरों तक हो रही है। इस बार भी नवरात्रा समाप्ति पर नगर परिषद ने श्रद्धालुओं और मंडलियों के लिए विशेष इंतजाम किए, जिसकी हर ओर प्रशंसा हो रही है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी गिरीश शर्मा ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता दी। वहीं नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि अजय पौराणिक ने बताया कि भैसोदा गांव पहले पंचायत हुआ करता था, लेकिन नगर परिषद बनने के बाद नगर का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। प्राचीनतम तालाब का सौंदर्यीकरण कार्य जारी है और इसे पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित करने की भी योजना है।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम
भगवान की प्रतिमाओं का सुरक्षित विसर्जन कराने के लिए नगर परिषद द्वारा नाव की व्यवस्था की गई। पूजा–अर्चना से लेकर सुरक्षा तक हर स्तर पर चाक-चौबंद प्रबंध किए गए। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में स्थानीय पुलिस चौकी ने भी अहम भूमिका निभाई।
क्षेत्रवासियों का आभार
पूर्व सरपंच श्याम गुर्जर ने अतुल्य भारत न्यूज से बातचीत में कहा –“भैसोदा तालाब आसपास के क्षेत्रवासियों के लिए एकमात्र स्थान है, जहाँ गणेशोत्सव से लेकर नवरात्रा तक की प्रतिमाओं का विसर्जन बेहतरीन व्यवस्थाओं के साथ किया गया है। नगर परिषद का पूरा परिवार वास्तव में धन्यवाद का पात्र है।”
उन्होंने यह भी बताया कि दूर-दराज से, यहाँ तक कि पड़ोसी राज्य राजस्थान के गांव–शहरों से भी टोलियाँ मूर्तियों का विसर्जन करने भैसोदा तालाब पहुँचती हैं।
भैसोदा नगर परिषद ने न सिर्फ धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया बल्कि अपनी व्यवस्थाओं से मिसाल कायम की, जो अब आसपास के इलाकों में भी चर्चा का विषय बन चुकी है।
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