चौमहला/गंगधार।
अखंड सुहाग और सौभाग्य की कामना के साथ शुक्रवार को विवाहित महिलाओं ने पूरे श्रद्धा भाव से करवा चौथ पर्व मनाया। दिनभर निर्जला व्रत रखकर महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु, सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। चौमहला, गंगधार कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में सुबह से ही पर्व का उल्लास देखने को मिला। नवविवाहिताओं में करवा चौथ को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। महिलाओं ने दिनभर उपवास रखकर शाम को चौथ माता और करवा देवता की पूजा-अर्चना की तथा कथा सुनी। रात्रि में लगभग 9 बजे महिलाओं ने चलनी से चंद्रमा के दर्शन किए, अर्घ्य अर्पित किया और पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत का पारायण किया।
🪔 सोलह श्रृंगार और पूजा-अर्चना से सजे घर
संध्याकाल में महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर पारंपरिक वस्त्र धारण किए और मंदिरों व घरों में सामूहिक तथा व्यक्तिगत रूप से पूजा की। कई स्थानों पर मंदिरों में सामूहिक कथा-सत्र आयोजित हुए, जहाँ महिलाओं ने पूजा-पाठ के साथ मंगलगीत भी गाए। इस अवसर पर घरों में मैदा और गेहूं के आटे से बने खाजे, पूड़ी, हलवा तथा अन्य पारंपरिक पकवान तैयार किए गए।
श्रद्धा और आस्था का पर्व
सूर्योदय के साथ ही महिलाओं ने स्नान कर करवा चौथ व्रत की शुरुआत की। दिनभर निर्जला रहकर उन्होंने ईश्वर से अपने पति के सुख, समृद्धि और दीर्घायु की प्रार्थना की। चांद के दर्शन के साथ ही व्रत का समापन हुआ।
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