कलेक्ट्रेट में अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन

झालावाड़: अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत आज जिला शाखा झालावाड़ द्वारा अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन जिला अध्यक्ष चंदन चतुर्वेदी के निर्देशानुसार वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुश्ताक अहमद एवं सालिगराम दांगी के नेतृत्व में सौंपा गया।

ज्ञापन में अधीनस्थ सेवाओं के कर्मचारियों की लंबित पदोन्नतियों, पदोन्नति पदों में विसंगतियों, तथा आरजीएचएस योजना में की जा रही कटौतियों को लेकर नाराज़गी व्यक्त की गई। महासंघ ने कहा कि ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली के नाम पर कर्मचारियों को अनुचित दबाव और प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। महासंघ ने सरकार पर अधीनस्थ सेवाओं के प्रति दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि खेमराज समिति रिपोर्ट के अनुसार अब तक वेतन एवं पदोन्नति संबंधी विसंगतियां दूर नहीं की गई हैं।

परिणामस्वरूप कई कर्मचारियों को पूरे सेवा काल में एक भी पदोन्नति नहीं मिल पा रही है। ज्ञापन में बताया गया कि एएनएम, एलएचवी, पशुधन निरीक्षक, शारीरिक शिक्षा अध्यापक ग्रेड तृतीय, नर्सिंग ऑफिसर, ग्राम विकास अधिकारी, तृतीय श्रेणी अध्यापक, पटवारी, सूचना सहायक, कृषि पर्यवेक्षक, संगणक, वनरक्षक, कांस्टेबल, वर्कचार्ज कर्मचारी सहित विभिन्न संवर्गों में सिर्फ 10 से 20 प्रतिशत पदोन्नति पद स्वीकृत हैं। इससे कर्मचारियों को पहली पदोन्नति के लिए 15 से 20 वर्ष तक इंतजार करना पड़ता है।महासंघ ने मांग की कि  “प्रत्येक संवर्ग के कर्मचारियों को पांच पदोन्नति अवसर प्रदान किए जाएं या वैकल्पिक रूप से 7, 14, 21, 28 और 32 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति वेतनमान दिया जाए।”


अन्य प्रमुख मांगें

  • वर्षों से लंबित पदोन्नतियों को शीघ्र किया जाए।
  • सभी संवर्गों के पदनाम परिवर्तन को सम्मानजनक रूप में लागू किया जाए।
  • NPS में काटे गए ₹53 हजार करोड़ कर्मचारियों के GPF खातों में जमा किए जाएं।
  • न्यूनतम वेतनमान ₹26,000 निर्धारित किया जाए।
  • ग्रामीण कर्मचारियों को 10% ग्रामीण भत्ता स्वीकृत किया जाए।
  • संविदा एवं आउटसोर्स नियुक्तियां बंद कर नियमित किया जाए।
  • सभी विभागों में रिक्त पदों पर नियमित भर्ती की जाए।
  • पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू कर शिक्षकों के लंबित तबादले पूरे किए जाएं।
  • आरजीएचएस योजना में कटौतियां बंद कर इसे मूल स्वरूप में बहाल किया जाए।


महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।  23 सितम्बर: मुख्य सचिव को आंदोलन की नोटिस, 6 अक्टूबर: जिला स्तर पर ज्ञापन व तैयारी बैठकें, 7–17 अक्टूबर: कर्मचारी जागरण अभियान, 15 अक्टूबर: जिला स्तर पर चेतावनी धरना, 30 अक्टूबर–20 नवम्बर: प्रदेशभर में संघर्ष चेतना यात्रा। इस दौरान आयुर्वेदिक परिचारक संघ के जिला अध्यक्ष रामप्रसाद नागर, संतोष शर्मा, मनमोहन तिवारी, दिनेश स्वर्णकार, ब्लॉक अध्यक्ष मनोज कुमावत, उपाध्यक्ष घनश्याम सिंह शक्तावत सहित दर्जनों कर्मचारी मौजूद रहे।

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