जिला प्रवक्ता पूरीलाल गुर्जर ने बताया कि ज्ञापन में मांग की गई है कि गुर्जर सहित पाँच जातियों को अति पिछड़ा वर्ग में दिए गए 5% आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल किया जाए, ताकि समाज में व्याप्त संशय और भ्रम समाप्त हो सके। इसके साथ ही आरक्षण आंदोलनों के दौरान दर्ज मुकदमों की वापसी, सभी भर्तियों में बैकलॉग क्लियर करने और विसंगतियों के समाधान की भी मांग रखी गई। जिलाध्यक्ष सूरतराम गुर्जर ने कहा कि देवनारायण बोर्ड का गठन सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक रूप से पिछड़े गुर्जर समाज के विकास हेतु किया गया था, परंतु बोर्ड अब तक प्रभावी नहीं बन पाया है। ज्ञापन में बोर्ड को पूर्ण स्वायत्तता और वित्तीय शक्तियाँ प्रदान करने की मांग की गई है ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी रूप से हो सके।प्रदेश संगठन मंत्री बजरंग गुर्जर ने बताया कि 2010 से लगातार पुष्कर स्थित नाग पहाड़ को श्री देवनारायण अतिशय क्षेत्र घोषित करने और वहाँ देवनारायण, सवाई भोज, साडू माता और गुरु रूपनाथ के स्मारक निर्माण की मांग की जा रही है। साथ ही पुष्कर घाटी से नाग पहाड़ तक सड़क निर्माण की स्वीकृति भी जल्द देने की अपील की गई। प्रदेश संयोजक देवकरण गुर्जर और प्रदेश उपाध्यक्ष छगन सिंह गुर्जर ने संयुक्त बयान में कहा कि मुख्यमंत्री इन तीनों प्रमुख विषयों पर शीघ्र निर्णय लें ताकि समाज को सरकार की संवेदनशीलता का संदेश मिले और आंदोलन जैसी स्थिति न बने।
ज्ञापन सौंपने से पूर्व समाजजन झालरापाटन स्थित होटल में एकत्र हुए, जहाँ से जुलूस के रूप में मिनी सचिवालय कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। इस मौके पर भोजराज गुर्जर (खेरखेड़ा), भगवान सिंह गुर्जर (पूर्व प्रधान), हरि सिंह गुर्जर, सुल्तान सिंह गुर्जर (चंदियाखेड़ी), ज्ञान सिंह गुर्जर (चंदलोई), लालचंद गुर्जर (सुनेल), कैलाश गुर्जर, मोहनलाल गुर्जर (सांगरिया/बकानी) सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित रहे।

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