राधेश्याम मंदिर दुकान बिक्री का विरोध इंटरनेट से लेकर सड़को तक तेज, विरोधकर्ताओ का एसडीएम को ज्ञापन, 60 साल पुराने किराएदार ने भी उठाई मांग

नीलामी 18 मई को, खरीदार का नाम व हस्ताक्षर 8 दिन पहले ही नक्शे में

भवानीमंडी । करीब 100 वर्ष पुराने राधेश्याम मंदिर ट्रस्ट की दुकान बिक्री के बाद से शहर में विरोध का दौर जारी है। सोशल मीडिया पर तो इसके विरोध की बाढ़ सी आ गई है। वही लोगो ने प्रशानिक अधिकरियो को भी ज्ञापन सौंपकर जांच करने की मांग उठाई है। बिक्री के विरोध में लोग इंटरनेट पर अपने-अपने अंदाज में पोस्ट बनाकर विरोध व तंज कस रहे है। जबकि ट्रस्टियों को छोड़ दे तो बिक्री का पक्ष लेने वालों की संख्या न के बराबर है। वही बिकी हुई दुकान के किरायेदार सुरेश पुत्र नंदलाल लड्डा ने भी प्रशासनिक अधिकरियो को ज्ञापन देकर नीलामी को नियमविरुद्ध बताया और 60 वर्षों से निरंतर किराएदार होने का हवाला देते हुवे पहला हक उसका होना बताया। इसके विरोध में पृथ्वी बचाओ चेरिटेबल ट्रस्ट ने एसडीएम ऑफिस को ज्ञापन दिया। पूरे ही मामले को लेकर मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष कृष्ण कुमार राठी भी प्रेस कॉन्फ्रेंस रख मंदिर समिति का पक्ष रख चुके है। उनका कहना है सबकुछ नियमानुसार हुवा है। नीलामी व बिक्री 8 ट्रस्टियों की सहमति व देव स्थान विभाग कोटा की प्रक्रिया के तहत ही हुई है। हालांकि इसमें ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष के पुत्र व ट्रस्टी दामोदर कचोलिया असहमत है। 

चित्र- बेची हुई दुकान का अधिकृत व प्रामाणित नक्शा

नीलामी 18 मई को और 8 दिन पहले ही नक्शे में खरीददार का नाम व हस्ताक्षर

उप-पंजीयक कार्यालय पचपहाड़ से मिली प्रमाणित प्रतियों के हवाले से बीती 18 मई को देवस्थान विभाग के निरीक्षक बृजेश कुमार की मौजूदगी में खुली नीलामी दिखाई गई। इसके अगले ही दिन 19 मई को दुकान की रजिस्ट्री मुकेश शर्मा निवासी भवानीमंडी के नाम कर दी गई। लेकिन रजिस्ट्री के साथ लगे साइट प्लान ने पूरी ही प्रक्रिया को संदेह में ला दिया। नक्शे पर तारीख 10 मई 2026 दर्ज है और उस पर ट्रस्ट अध्यक्ष कृष्ण कुमार राठी व खरीदार मुकेश शर्मा दोनों के हस्ताक्षर भी हैं। यानी नीलामी के 8 दिन पहले ही खरीदार तय था, ऐसा कागज बोल रहे है।

चित्र- एसडीएम कार्यालय में ज्ञापन देते विरोधकर्ता

इधर बड़ी संख्या में एसडीएम कार्यालय दिया ज्ञापन

इस विषय में पृथ्वी बचाओ चैरिटेबल ट्रस्ट के नेतृत्व में अनेक शहरवासियों ने भी एसड़ीएम कार्यालय पहुँच एक ज्ञापन देकर नीलामी प्रक्रिया को निष्पक्ष न बताते हुवे रजिस्ट्री रद्द कर पुनः मन्दिर ट्रस्ट के नाम करने की मांग उठाई है। साथ ही 2 दिन का अल्टीमेटम देते हुवे धरना देने की चेतावनी भी दी। इस दौरान फूलचंद वर्मा, राजकुमार पोरवाल, अविनाश परमार, विनय आस्तोलिया, कालूलाल सालेचा, चैनसिंह सिसोदिया, गिरधर गोपाल शर्मा, गोपाल पाटीदार, सन्देश पोरवाल, ललित गुप्ता, अरुण तंवर,मुकुट व्यास ,बृजमोहन सोनी,सुरेश मालवीय,बालचंद सेन ईश्वर शर्मा आदि उपस्थित रहे।

अधिकारी बोले- जांच होगी

देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त के.के. खंडेलवाल ने कहा कि मामला गंभीर है। निरीक्षक से पूरी रिपोर्ट मांगी जाएगी। दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई होगी।

ड्राफ्टमैन की सफाई

नगरपालिका के अधिकृत ड्राफ्टमैन उमेश कांतीवाल ने कहा कि नक्शे पर 10 मई की तारीख गलती से लिख गई। नक्शा 18 मई को ही बनाया गया था, इसमें सुधार करवाया जाएगा।

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