कपिल चौहान, भैसोदामंडी । स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर में करीब 50 लाख रुपए की लागत से बनाए गए 9 सार्वजनिक शौचालय आज तक आमजन के उपयोग से दूर हैं। निर्माण कार्य पूरा हुए करीब ढाई साल बीतने में हैं, लेकिन शौचालयों पर अब भी ताले लटके हुए हैं। ऐसे में आधा करोड़ खर्च कर तैयार यह सुविधाएं शोपीस बनकर रह गई हैं।
गौरतलब है कि करीब 20 दिन पहले ही क्षेत्रीय विधायक चंदर सिंह सिसोदिया ने भैसोदामंडी बस स्टैंड पर समारोहपूर्वक यहां स्थित सुलभ शौचालय का लोकार्पण किया था। समारोह में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी रही, लेकिन उद्घाटन के बाद भी शौचालय आम लोगों के लिए नहीं खोला गया। वर्तमान में शौचालय का उपयोग जरूरतमंदों के बजाय होर्डिंग और बैनर रखने के लिए हो रहा है। जानकारी के अनुसार नगर में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कुल 9 शौचालयों का निर्माण कराया गया, जिनमें 7 सामुदायिक और 2 सुलभ शौचालय शामिल हैं। इनका निर्माण कार्य गरोठ विधानसभा क्षेत्र की ठेका फर्म देवश्री कंस्ट्रक्शन द्वारा कराया गया था।
गारंटी अवधि समाप्ति की ओर
निर्माण कार्य पर तीन वर्ष की गारंटी अवधि निर्धारित है। ऐसे में ढाई वर्ष बीत जाने के बाद अब गारंटी अवधि के सिर्फ छह महीने ही शेष बचे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि यदि इस दौरान निर्माण में कोई खामी सामने आती है तो उसकी जवाबदेही कैसे तय होगी, जबकि शौचालयों का नियमित उपयोग ही शुरू नहीं हो पाया है।
नगरवासियों का कहना है कि सार्वजनिक शौचालयों के बंद रहने से यात्रियों, महिलाओं और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टैंड जैसे प्रमुख स्थान पर भी सुविधा उपलब्ध नहीं होना व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।
मैंने दो जनों की ड्यूटी लगा दी है, भैसोदा व भैसोदामंडी में। कल शौचालय खुल जाएंगे।
गायत्री पौराणिक, अध्यक्ष, नगर परिषद




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