कोटा में 4 साल की मासूम की हत्या मामले में बड़ा फैसला, मां और उसके प्रेमी को उम्रकैद

कोटा । चार साल की मासूम बच्ची की हत्या के बहुचर्चित मामले में कोटा की अपर सेशन न्यायालय क्रम संख्या-2 (ADJ-2) ने दोषी मां और उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों पर 30-30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की और कहा कि आरोपी महिला ने मातृत्व को शर्मसार किया है। न्यायालय ने कहा कि जब बच्चे अपनी मां के पास ही सुरक्षित नहीं हैं, तो वे और कहां सुरक्षित रहेंगे।

मामला वर्ष 2020 का है। बोरखेड़ा निवासी सुमित यादव ने अपनी पत्नी टीना और चार वर्षीय बेटी नंदनी के अचानक लापता होने की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई थी। जांच के दौरान सामने आया कि टीना का एक व्यक्ति प्रहलाद सहाय से प्रेम संबंध था। दोनों एक रॉन्ग नंबर से शुरू हुई बातचीत के बाद करीब आए थे।

पुलिस जांच में पता चला कि टीना अपनी बेटी को लेकर प्रेमी के पास चली गई थी। दिसंबर 2020 में खेलते समय बच्ची सीढ़ियों से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी।

आरोप है कि इलाज पर खर्च से बचने के लिए टीना और उसके प्रेमी ने उसी रात बच्ची का गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को अलवर के सरिस्का क्षेत्र में फेंक दिया। बाद में पुलिस को मौके से केवल खोपड़ी और कुछ कपड़े मिले थे। डीएनए जांच में शव की पहचान नंदनी के रूप में हुई।

गुमशुदगी की जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद मामले को हत्या की धाराओं में दर्ज कर अदालत में चालान पेश किया गया।

सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इस फैसले को मासूम बच्ची को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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