महिलाओं ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अधिकारी समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि घरों में पीने के पानी का गंभीर संकट है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो गया है।
समझाइश के बाद जाम खुलवाया महिलाओं का ये भी कहना था कि ये समस्या लंबे समय से बनी हुई है और हर साल गर्मी के मौसम में उन्हें इसी तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहायता से प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। समझाइश के बाद जाम खुलवाया गया।
इसके बाद पुलिस चौकी में बस्तीवासियों और जलदाय विभाग के अधिकारियों के बीच एक बैठक हुई। बैठक में जलदाय विभाग ने तत्काल टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने और जल्द ही नियमित जलापूर्ति शुरू करने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद प्रदर्शन शांत हुआ।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में करोड़ों रुपए की जल योजनाओं की घोषणाएं और कार्य के दावे किए जाते हैं, लेकिन लोगों को नियमित पानी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो वे एक बड़ा आंदोलन करेंगे।
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