वंदे गंगा अभियान में भाजपा मंडल अध्यक्ष की पहल लाई रंग, वर्षों से उपेक्षित जलधरोहर को मिला नया जीवन
भवानीमंडी । पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर दिखाना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाना भी होता है। ऐसा ही उदाहरण पचपहाड़ में देखने को मिला, जहां "मृत्युशय्या पर पचपहाड़ तालाब की जलधरोहरें" शीर्षक से अतुल्य भारत में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता रंग लाई।
वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के तहत भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रदीप जैन की पहल पर पचपहाड़ स्थित अंग्रेजों के शासनकाल में निर्मित ऐतिहासिक मानवनिर्मित पुल का कायाकल्प कराया गया। वर्षों से उपेक्षित पड़े इस पुल का रंगरोगन करवाया गया, वहीं इसके नीचे बहने वाली प्राचीन पिप्लाद नदी की साफ-सफाई भी करवाई गई।
नदी किनारे फैली कंटीली झाड़ियों और गंदगी को जेसीबी तथा श्रमदान के माध्यम से हटाया गया। सफाई के बाद यह क्षेत्र एक बार फिर अपनी पुरानी पहचान की ओर लौटता दिखाई दे रहा है।
हालांकि स्थानीय लोगों का मानना है कि केवल सफाई अभियान ही पर्याप्त नहीं है। पिप्लाद नदी के स्थायी संरक्षण और शुद्धिकरण के लिए जनभागीदारी के साथ-साथ राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी ठोस कार्ययोजना की आवश्यकता है। मालवांचल क्षेत्र से निकलने वाली यह नदी भवानीमंडी और हाड़ौती अंचल की महत्वपूर्ण जलधरोहर मानी जाती है।
अतुल्य भारत की खबर के बाद बावड़ी तक पहुंचा अभियान
जलधरोहरों की दुर्दशा को लेकर प्रकाशित खबर में पचपहाड़ की ऐतिहासिक बावड़ियों में फैली गंदगी और उनके संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया था। इसके बाद राजस्थान पत्रिका ने भी अमृतम् जलम् अभियान के तहत बालाजी मंदिर के पास स्थित बावड़ी में श्रमदान कर सफाई अभियान चलाया।
जागरूक जनप्रतिनिधि की मिसाल बने प्रदीप जैन
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रदीप जैन ने सुझावों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई कर जिम्मेदार जनप्रतिनिधि होने का परिचय दिया है। सामाजिक कार्यकर्ता एवं अतुल्य भारत के संपादक कपिल चौहान द्वारा जलधरोहर संरक्षण को लेकर दिए गए सुझाव के बाद उन्होंने व्यक्तिगत रुचि लेकर सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य करवाया। जब जनजागरण, मीडिया और जनप्रतिनिधि साथ आते हैं, तब बदलाव दिखाई देता है।


Post a Comment