भवानीमंडी । राधेश्याम मंदिर सार्वजनिक ट्रस्ट से जुड़े बहुचर्चित विवाद में अब भाजपा नेता एवं निवर्तमान पार्षद पिंटू जायसवाल भी खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने एक सार्वजनिक सूचना जारी कर ट्रस्ट अध्यक्ष केके राठी की वैधानिक पात्रता पर सवाल उठाते हुए ट्रस्ट प्रबंधन से जवाब मांगा है।
जायसवाल ने कहा कि ट्रस्ट के नियम क्रमांक 16 के अनुसार कार्यकारिणी सदस्य अथवा पदाधिकारी बनने के लिए स्थानीय कृषि उपज मंडी में कच्चे-पक्के आढ़तिये के रूप में व्यापार करना या पूर्व में ऐसा व्यापार किया होना अनिवार्य है। उनका दावा है कि वर्तमान में अध्यक्ष केके राठी की कृषि उपज मंडी में कोई सक्रिय फर्म होने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
उन्होंने मांग की कि यदि अध्यक्ष की मंडी में कोई फर्म संचालित है तो उसका नाम सार्वजनिक किया जाए। वहीं यदि ऐसी कोई फर्म नहीं है, तो ट्रस्ट यह स्पष्ट करे कि वे किस वैधानिक प्रावधान अथवा पात्रता के आधार पर अध्यक्ष पद पर बने हुए हैं।
जायसवाल ने ट्रस्ट के नियम 13-अ का भी उल्लेख करते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन होने की स्थिति में सदस्यता समाप्त करने का प्रावधान है। ऐसे में ट्रस्ट प्रबंधन को इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
गौरतलब है कि राधेश्याम मंदिर ट्रस्ट का मामला पिछले कई दिनों से लगातार चर्चा में बना हुआ है। दुकान बिक्री विवाद, ट्रस्टियों के इस्तीफे और पदमुक्ति जैसे घटनाक्रमों के बीच अब अध्यक्ष की पात्रता को लेकर उठे सवालों ने विवाद को नया मोड़ दे दिया है। फिलहाल सभी की नजर ट्रस्ट अध्यक्ष और प्रबंधन की ओर से आने वाले आधिकारिक जवाब पर टिकी है।
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