राजेश प्रजापति । पचपहाड़ | पचपहाड़ तहसील क्षेत्र में लाखों रुपए की लागत से बना आधुनिक सार्वजनिक शौचालय अब खुद बदहाली का शिकार हो गया है। करीब 30 लाख रुपए खर्च होने के बावजूद न सफाई की व्यवस्था है, न रखरखाव और न ही कोई स्थायी कर्मचारी। हालात ऐसे हैं कि लोग इसका इस्तेमाल करने से भी कतरा रहे हैं।
यह तस्वीरें पचपहाड़ की इंदिरा कॉलोनी स्थित सार्वजनिक महिला- पुरुष शौचालय की है। करीब छह साल पहले नगर पालिका भवानीमंडी ने लगभग 30 लाख रुपए खर्च कर इसे आधुनिक सुविधा के रूप में तैयार कराया था, लेकिन आज यह शौचालय बदहाली की मिसाल बन चुका है।
शौचालय परिसर में गंदे पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। दूषित पानी सड़क पर बह रहा है और मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर लगातार पानी जमा रहने से काई जम गई है। इससे यहां आने वाले लोगों के फिसलने का खतरा बना रहता है। अंदर का नजारा और भी चिंताजनक है। कई टॉयलेट सीटें टूटी हुई हैं, अधिकांश शौचालयों के दरवाजे क्षतिग्रस्त हैं और कई जगह दरवाजे ही गायब हैं। जहां दरवाजे लगे हैं, वहां अंदर से कुंडी नहीं है और रस्सी बांधकर काम चलाया जा रहा है महिलाओं की निजता और सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रखरखाव के अभाव में लाखों रुपए की यह सार्वजनिक सुविधा शोपीस बनकर रह गई है। नियमित सफाई और निगरानी नहीं होने से लोग इसका उपयोग करने से बच रहे हैं।

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