मंदसौर | शहर की नई आबादी स्थित स्पर्श मदर एंड चाइल्ड केयर क्लीनिक के बाहर गुरुवार सुबह प्रसूता की मौत के बाद हंगामा हो गया। परिजन शव लेकर क्लीनिक पहुंचे और डॉक्टर पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाने में लगी रही।
ऑपरेशन से हुआ था जुड़वा बेटियों का जन्म
रतलाम जिले के बोरवनी निवासी 26 वर्षीय पूजा कुंवर का उपचार डॉ. रोशनी जैन के क्लीनिक पर चल रहा था। परिजनों के अनुसार, 24 जून को उन्हें मंदसौर के अनुयोग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 25 जून को ऑपरेशन के जरिए उन्होंने जुड़वा बेटियों को जन्म दिया। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
अहमदाबाद में इलाज के दौरान हुई मौत
महिला की हालत गंभीर होने पर 26 जून को उन्हें अहमदाबाद रेफर किया गया। वहां 8 जुलाई तक उनका उपचार चला, लेकिन बुधवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। गुरुवार सुबह परिजन शव लेकर स्पर्श मदर एंड चाइल्ड केयर क्लीनिक पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया।
परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
परिजनों का आरोप है कि महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए समय पर रेफर नहीं किया गया। उनका यह भी दावा है कि उपचार के दौरान चढ़ाए गए ब्लड में थक्के (क्लॉट) होने की जानकारी अहमदाबाद के डॉक्टरों ने दी थी, जिससे महिला की हालत और बिगड़ गई।
थाने में दिया लिखित आवेदन
महिला की मौत के मामले में परिजनों ने सिटी कोतवाली थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर को लिखित आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। थाना प्रभारी ने बताया कि मृतका के पति की ओर से उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए आवेदन दिया गया है। मामले को विवेचना में लिया गया है और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टर ने आरोपों को बताया निराधार
डॉ. रोशनी जैन ने कहा कि वह पिछले डेढ़ वर्ष से महिला का उपचार कर रही थीं। डिलीवरी के दौरान दो स्वस्थ बच्चियों का जन्म हुआ था। उन्होंने बताया कि प्रसव के बाद महिला को पीपीएच (पोस्ट पार्टम हेमरेज) की समस्या हुई, जिसका आवश्यक उपचार किया गया। ब्लड भी चढ़ाया गया और हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। डॉक्टर ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पुलिस जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है।
Post a Comment