राजस्थान के जैसलमेर में एक जिंदा शख्स को डॉक्यूमेंट्स में मृत दिखा दिया गया. इसके बाद उसके पिता की जमीन में हेरफेर कर जमीन बेच दी, जबकि शख्स जिंदा है और पाकिस्तान में रह रहा है. उसके भाईयों ने उसका डेथ सर्टिफिकेट बनवाया और जमीन बेच डाली. अब सरपंच ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है.
जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा
तीसरी पार्टी ने वह जमीन किसी कंपनी को बेच दी. इस मामले की शिकायत को लेकर मगरा सरपंच मोहम्मद खान ने जैसलमेर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. मामले में शामिल अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है. इस दौरान सरपंच ने आरोप लगाया है कि गांव की ही एक महिला की 21 जून 2021 को मौत हुई थी, जिसके डेथ सर्टिफिकेट की कॉपी कर उर्स खान नाम के शख्स का फर्जी तरीके से डेथ सर्टिफिकेट बनाया गया, जबकि उर्स खान 30 साल पहले ही पाकिस्तान चला गया था, जो पाकिस्तान में अभी भी जीवित है.
तीन भाईयों ने करा ली रजिस्ट्री
उसके डेथ सर्टिफिकेट के आधार पर उसके 3 भाइयों ने जमीन की रजिस्ट्री कराई. इसके साथ ही हेडमास्टर की मुहर को प्रिंसिपल की मुहर में बदलकर फर्जी तरीके से मिलीभगत कर विक्रम सिंह और ओम प्रकाश ने सर्टिफिकेट जारी किया. पहले इस जमीन को किसी और शख्स को बेची गई और इसके बाद किसी प्राइवेट कंपनी को बेच दी गई. अब सरपंच मोहम्मद खान ने कलेक्टर से इस मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए कार्रवाई की मांग की है.

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