SC-ST एक्ट के मामले सहायता राशि दिलवाने की एवज में 15 हजार मांगे, शक होने पर रिश्वत नहीं ली

कोटा: शहर के विज्ञान नगर थाने के कांस्टेबल मूलाराम के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोटा (ACB) ने रिश्वत मांगने के मामले में एफआईआर दर्ज की। एडिशनल एसपी विजय स्वर्णकार ने बताया कि आरोपी कांस्टेबल मूलाराम एससी एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले में परिवादी को सहायता राशि दिलवाने की एवज में 15 हजार की डिमांड कर रहा था। लेकिन ट्रेप का शक होने पर आरोपी ने रिश्वत नहीं ली। सबूतों के आधार पर ACB ने कांस्टेबल मूलाराम के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले की जांच उप अधीक्षक ताराचंद को सौंपी है।

करणी नगर नांता निवासी परिवादी ने 12 नवम्बर 2024 को ACB चौकी कोटा में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया कि वो ऑटो चलाता है। 2 जुलाई को सिटी पार्क के सामने तीन युवक शराब के नशे में ऑटो के पास आकर गिर गए। उन्होंने मारपीट की,जेब में रखे पैसे छीन लिए। ऑटो में पत्थर से तोड़फोड़ की। इस मामले में विज्ञानं नगर थाने में शिकायत दी थी। उसी दौरान कांस्टेबल मूलाराम ने फोन करके बुलाया और कहा आपके फायदे का काम है। आपके मुकदमें में एससी एसटी एक्ट की धाराएं लगी है। आपको समाज कल्याण विभाग की तरफ से दो किस्तों में 2 लाख मिलेंगे। ये सहायता दिलवाने के एवज में 15 हजार देने पड़ेंगे।

कांस्टेबल 15 हजार की रिश्वत के लिए दबाव बना रहा था। इस बीच पहली किस्त के रूप में 50 हजार मिल गए। दूसरी क़िस्त में डेढ़ लाख मिलने थे। आरोपी ने धमकाया कि 15 हजार की रिश्वत नहीं दी तो दूसरी क़िस्त के डेढ़ लाख तुम्हारे खाते में नहीं आने दूंगा। शिकायत सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। जिसके बाद ACB की टीम ने ट्रेप की योजना बनाई। लेकिन आरोपी को भनक लग गई। उसने रिश्वत की रकम नहीं ली।

0 Comments

Post a Comment

Post a Comment (0)

Previous Post Next Post