भवानीमंडी । कपिल चौहान: नगर में अवैध रूप से गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और गैस रिफिलिंग का काम थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। हालात यह हैं, कई जगहों पर खुलेआम वाहनों में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग की जा रही है। गैस सिलेंडरों का अवैध कारोबार करने वालों के ऊंचे रसूखात के चलते जिला व रसद विभाग भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। नतीजतन शहर में अभी 10 से 12 जगहों पर खुलेआम गैस रिफिलिंग का काम हो रहा, तो दर्जनभर से ज्यादा खाने-पीने की दुकानों पर भी घरेलू गैस(रसोई) का उपयोग किया जा रहा है।
बाजार से जुटाई जानकारी के अनुसार मोटरसाइकलों में रिफलिंग करने वाले दुपहिया वाहन में तीन से पांच हजार में एलपीजी गैस से गाड़ी चलाने का पूरा जुगाड़ बनाकर लगा रहे है। इसकी रेट गाड़ियों के मॉडल के हिसाब से तय की जाती है। वही घर पर ही घरेलू गैस सिलेंडर से कैसे गैस भरी जा सकती है, इसके लिए नौजल बेचने वाले पूरी ट्रेंनिग भी वाहन मालिक को देते है।
नगर में जेके अरोड़ा निजी हॉस्पिटल के सामने, भवानीमंडी पुलिस थाने के पीछे, मेट्रो हॉस्पिटल, बस स्टैंड के पास, पचपहाड़ आरामशीन के पास, भैसोदामण्डी में डायमंड मैरिज हॉल के पास, रामनगर सहित कई अन्य कई जगहों पर दुपहिया व चार पहिया वाहनों में अवैध गैस रिफलिंग की जाती है। अवैध रूप से गैस रिफिलिंग का धंधा खुलेआम किया जा रहा है।
कचौरी की दुकान पर गैस सिलेंडर फटने के बाद भी नही ली सीख
पिछले दिनों नगर के कालवा स्थान पर रेलवे फाटक के पास एक चाय नाश्ते की दुकान पर भट्टी के पास रखा गैस सिलेंडर फट गया था, जिसका वीडियो इतना भयावह था कि कई दिनों तक सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुवा। गनीमत रही कि इससे कोई जनहानि नही हुई। नही तो पास में रेलवे ट्रेक और व्यस्ततम आवागमन वाला मार्ग होने से बड़ा हादसा हो सकता था। जिस दुकान पर यह हादसा हुवा, उस पर घरेलू गैस सिलेंडर ही उपयोग हो रहा था। जिले में गैस सिलेंडर फटने की दो बड़ी अनहोनी के बाद प्रशासन की ओर से अवैध गैस रिफिलिंग एवं भंडारण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के तहत सिलेंडरों की कालाबाजारी एवं अवैध रूप से गैस रिफिलिंग करने वालों के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं। पर पुलिस और रसद विभाग ने शहर में केवल खानापूर्ति के लिए कार्रवाई की। हकीकत में सख्ती नहीं की जा रही है। अवैध रूप से गैस रिफिलिंग करने वाले अब भी बेखौफ अपना काम कर रहे हैं। इससे स्पष्ट पता चला है कि इस पूरे खेल में एजेंसी, डिलीवरी, रसद विभाग एवं अवैध रूप से रिफिलिंग करने वाले सबकी मिलीभगत है।



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