परीक्षा देने पहुँचे तो पता लगा प्रवेश पत्र ही नही बना
कॉलेज में डीएमएलटी की पढ़ाई कर रही छात्रा रहनुमा और कृष्णा ने अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि कॉलेज प्रबंधन ने विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए गलत जानकारी दी। रहनुमा के अनुसार, कॉलेज प्राचार्य ने छात्रों को आश्वस्त किया था कि उनकी परीक्षा के प्रवेश पत्र परीक्षा केंद्र पर ही उपलब्ध कराए जाएंगे। इस भरोसे पर छात्र 150 किलोमीटर की यात्रा कर कल मंगलवार 23 अप्रैल को मंदसौर के परीक्षा केंद्र परीक्षा देने पहुंचे थे, लेकिन वहां उन्हें पता चला कि विश्वविद्यालय ने उनके प्रवेश पत्र जारी ही नहीं किए हैं। वही दूसरी छात्रा रहनुमा का कहना है कि "सभी कॉलेजों के छात्र अपनी परीक्षाएं दे रहे हैं, लेकिन हमारी परीक्षा नहीं हो रही। कॉलेज प्रबंधन ने हमें बार-बार गुमराह किया, जिससे हमारा समय, पैसा और भविष्य दांव पर लग गया है।"
छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़: एबीवीपी
एबीवीपी के नेतृत्व में कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में कॉलेज प्रबंधन की अनियमितताओं की गहन जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई। एबीवीपी के पदाधिकारी अमित गुप्ता ने कहा, "श्री साईं नाथ पैरामेडिकल कॉलेज का यह कृत्य छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। कॉलेज प्रबंधन की लापरवाही और धोखाधड़ी अस्वीकार्य है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि कॉलेज की मान्यता की जांच हो और दोषियों को दंडित किया जाए। छात्रों ने एकस्वर होकर चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
वही इस बारे में कॉलेज संचालक से बात करना चाही तो फोन पर सम्पर्क नही हो सका। ताजा मामले में कॉलेज प्रबंधन ने भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। छात्रों का आरोप है कि प्रबंधन उनकी शिकायतों को लगातार अनसुना कर रहा है और जवाबदेही से बच रहा है।
इधर स्टूडेंट्स ने कॉलेज में भी किया हंगामा, फीस वापिसी की मांग
नर्सिंग स्टूडेंट ने कॉलेज परिसर में भी हंगामा कर दिया। कॉलेज मेंजमनेट से फीस वापिस करने की मांग उठाई। सालों गुजर जाने के बाद भी नर्सिंग स्टूडेंट्स परीक्षा के इंतजार में बैठे है। इन्ही में से कुछ स्टूडेंट्स थक हारकर पढ़ाई छोड़ने तक का मन बना चुके है। उसी के चलते फीस वापसी की मांग उठा रहे है। वही बाहर से पढ़ने आये कई स्टूडेंट्स घर वापिसी की तैयारी भी करने लगे है। इन्ही में से यूपी से मध्यप्रदेश में नर्सिंग की पढ़ाई करने आये सौरभ राय ने अतुल्य भारत को बताया कि "तीन साल पहले जीएनएम नर्सिंग में एडमिशन लिया था, चार साल हो गए, फर्स्ट ईयर तक के एग्जाम नही हुवे। इसी कारण हम हमारी फीस वापिस मांग रहे है। पर कॉलेज मेनेजमेंट फीस रिटर्न नही दे रहे और उल्टा पुलिस बुलाने की धमकी दे रहा है। अब परेशान होकर घर वापिस जाने की सोच रहे है।"
वही, भैसोदामण्डी की जिया सोलंकी ने बताया कि " 2022-23 में श्रीसाइनाथ कॉलेज में एडमिशन लिया था, तीन साल में जीएनएम नर्सिंग कराने की बोला था। पर अभी तक फर्स्ट ईयर के एग्जाम तक नही हुवे। एडवांस में 96000 फीस जमा करा ली गई।"
एक नजर अशोक नागर के विवादित इतिहास पर
श्री साईं नाथ पैरामेडिकल कॉलेज के संचालक अशोक नागर का नाम पहले भी कई फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के मामलों में सामने आ चुका है। उनके खिलाफ कई मामले दर्ज है।
●छात्रवृत्ति घोटाला (2017-18):
अशोक नागर और उनके श्री साईं नाथ नर्सिंग व पैरामेडिकल कॉलेज पर वर्ष 2017-18 में छात्रवृत्ति फर्जीवाड़े का आरोप लगा था। यह मामला आज भी लोकायुक्त में लंबित है और इसकी जांच जारी है।
●फर्जी हॉस्पिटल और कॉलेज मामलाः राजगढ़ जिले में 200 बेड के एक फर्जी हॉस्पिटल के आधार पर अशोक नागर ने मां जालपा नर्सिंग व पैरामेडिकल कॉलेज की मान्यता हासिल की थी। इस मामले में राजगढ़ पुलिस ने धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था। इस मामले में नागर को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया था।
●नर्सिंग कॉलेज घोटालाः मध्य प्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज घोटाले में भी अशोक नागर का नाम उछला। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपनी एफआईआर में नागर को नामजद किया और उनसे इस मामले में कड़ी पूछताछ की गई। इन सारे मामलों ने अशोक नागर और उनके शैक्षणिक संस्थान की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।



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