रतलाम जिले के गांव मलवासा में गुरुवार सुबह 21 साल की युवती महिमा परमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह 12वीं की परीक्षा प्राइवेट दे रही थी और एक विषय में फेल हो गई थी। पुलिस के अनुसार, तनाव के चलते उसने यह कदम उठाया।
गुरुवार सुबह करीब 8 बजे महिमा घर की पहली मंजिल पर ब्रश करने गई थी। जब वह काफी देर तक नहीं लौटी तो 12 साल की छोटी बहन हर्षिता ऊपर गई। महिमा उसे खिड़की से फांसी पर झूलती मिली। हर्षिता ने यह देखकर तुरंत परिजनों को बताया। परिजन उसे नीचे उतारकर रतलाम मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर नामली थाना से एसआई एसएस परमार मौके पर पहुंचे।
मामा के घर से एक दिन पहले लौटी थी महिमा के बड़े पापा के बेटे गोकुल प्रजापत ने बताया, पूरा परिवार एक साथ रहता है। गांव में नया मकान बनाया है। जहां महिला के माता-पिता सोते हैं। सुबह महिमा नए घर की पहली मंजिल पर ब्रश करने गई थी। वहां ऊपर फांसी लगा ली। बुधवार दोपहर को वह अपने मामा के घर खाचरौद से लौटी थी। जब रिजल्ट आया था तब एक सब्जेक्ट में फैल हो गई थी। तब से वह तनाव में थी। घर में इस बारे में उसे समझाया भी था। इस कारण से वह मामा के घर पर थी।
स्कूल में पढ़ाती थी, कोचिंग भी जाती थी महिमा गांव के एक प्राइवेट मिडिल स्कूल में पढ़ाती थी और कोचिंग भी जाती थी। उसके पिता का ईंट भट्टे का व्यवसाय है। परिवार में मां, छोटा भाई राज (17) और छोटी बहन हर्षिता (12) हैं। वह आर्ट्स की स्टूडेंट थी।
मौके पर नहीं मिला सुसाइड नोट नामली थाना एसआई एसएस परमार ने बताया, प्राथमिक जांच में परीक्षा में फैल होने से तनाव के चलते यह कदम उठाया है। घर के वेंटिलेशन पर फांसी का फंदा लगाया है। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।
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