मध्यप्रदेश: हाईकोर्ट ने मंत्री विजय शाह के विवादास्पद बयान पर FIR के आदेश दिए

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के विवादास्पद बयान पर सख्त रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर हाईकोर्ट की दो सदस्यीय पीठ — जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनुराधा शुक्ला — ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया और बुधवार को सुनवाई के दौरान राज्य के डीजीपी को आदेश दिया कि वे शाम तक FIR दर्ज करें, अन्यथा उनके खिलाफ कोर्ट की अवमानना की कार्यवाही शुरू की जाएगी।

मामला एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए उस बयान से जुड़ा है, जिसमें मंत्री विजय शाह ने सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को “आतंकवादियों की बहन” कहकर संबोधित किया था। हाईकोर्ट ने इस बयान को भारत की एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाला बताते हुए इसे भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 152, 192, 196(1)(बी) और 197(1)(सी) के तहत अपराध की श्रेणी में माना है।

क्या कहा कोर्ट ने?

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि:

  • मंत्री का बयान प्रथम दृष्टया संप्रभुता और सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने वाला है।
  • यदि तय समय में FIR दर्ज नहीं की गई तो पुलिस महानिदेशक को अवमानना का सामना करना पड़ेगा।
  • यह मामला 15 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

विवादास्पद बयान क्या था?

रविवार को इंदौर जिले के महू क्षेत्र के रायकुंडा गांव में एक जनसभा में मंत्री विजय शाह ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ने वालों” से बदला लेने के लिए “उनके समाज की बहन” को उनके घर भेजा। उन्होंने दावा किया कि यह जवाब पाकिस्तान और आतंकवादियों के खिलाफ सेना के ऑपरेशन के संदर्भ में था। इस बयान का वीडियो मंगलवार को वायरल हुआ।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और सफाई

कांग्रेस ने मंत्री के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए भाजपा से उन्हें पार्टी से बाहर निकालने को कहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण यादव ने कहा कि शाह का बयान न सिर्फ आपत्तिजनक है, बल्कि संविधान विरोधी भी है।

भाजपा संगठन ने भी मंत्री को फटकार लगाई। संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के बुलावे पर विजय शाह पार्टी मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्हें कथित तौर पर कड़ी चेतावनी दी गई। सूत्रों के अनुसार, मंत्री ने अपने बयान पर खेद जताया और भविष्य में ऐसा न दोहराने का आश्वासन दिया।

वहीं, मीडिया से बातचीत में विजय शाह ने कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में लिया गया है और उनका उद्देश्य केवल देश की सेना और प्रधानमंत्री की कार्रवाई को रेखांकित करना था।

यह मामला अब हाईकोर्ट की निगरानी में है और आगामी सुनवाई में इससे जुड़ी कानूनी कार्रवाई तय होगी।

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