राधेश्याम मंदिर ट्रस्ट ने लेटर हेड सार्वजनिक कर अध्यक्ष के निष्कासन पर जताई असहमति, एक दिन पहले जारी हुवा था निष्कासन पत्र

एक दिन में दो पत्र, दो दावे... राधेश्याम मंदिर ट्रस्ट में आखिर सच किसके साथ?

भवानीमंडी राधेश्याम मन्दिर ट्रस्ट विवाद दिनोदिन गहराता जा रहा है। बीते कल सर्वधर्म हिन्दू रक्षा समिति की ओर से मीडिया को एक पत्र सार्वजनिक करते हुवे मन्दिर ट्रस्ट अध्यक्ष केके राठी को मन्दिर ट्रस्ट द्वारा पत्र जारी कर पद से मुक्त करने की बात सामने आई थी।

चित्र- पद मुक्त वाले पत्र से असहमति वाला मंदिर ट्रस्ट का लेटर हेड

इसको लेकर सर्वधर्म हिन्दू रक्षा समिति के संरक्षक डॉ जेके अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मन्दिर ट्रस्ट अध्यक्ष को पद से मुक्त करने का दावा किया था। पर उसी दिन कुछ समय बाद ही राधेश्याम मन्दिर ट्रस्ट की ओर से मन्दिर समिति के लेटर हेड पर एक सूचना जारी की और उसको सोशल मीडिया पर भी सार्वजनिक किया। जिसमें दिनांक 21-6- 2026 को वाट्सअप एवं सोशल मीडिया पर श्री राधेश्याम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष कृष्ण कुमार (केके) राठी को पद मुक्त करने को लेकर प्रसारित एक पत्र पर असहमति जताई। 

चित्र- अध्यक्ष केके राठी को पद से मुक्त करने वाला पत्र

इस पत्र पर तीन ट्रस्टी द्वारकादास पोरवाल सचिव, राधेश्याम गुप्ता उपाध्यक्ष, बालकिशन गुप्ता सदस्य के हस्ताक्षर है। वही लिखा कि मन्दिर व मन्दिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के साथ मन्दिर के कार्य को सुचारू रूप से करने हेतु प्रतिबद्ध है। वही इससे पूर्व मन्दिर ट्रस्ट अध्यक्ष केके राठी को पद से मुक्त करने के संदर्भ में जारी पत्र में 5 ट्रस्टी राधेश्याम गुप्ता उपाध्यक्ष, द्वारकादास पोरवाल सचिव, बालकिशन गुप्ता, पुरुषोत्तम पोरवाल, गोविंद गुप्ता के हस्ताक्षर है। वही इस मामले में दोनो तरह के अलग-अलग विरोधभास वाले पत्र जारी होने के बाद शहरभर व इंटरनेट मीडिया पर चर्चाओं व प्रतिक्रियाओं का दौर जारी रहा। 

मन्दिर ट्रस्ट द्वारा बुलाई बैठक शाम होते- होते निरस्त

इस मामले में श्री राधेश्याम मन्दिर ट्रस्ट की ओर से एक सार्वजनिक सूचना जारी कर बीते सोमवार की शाम 7 बजे सर्व धर्म हिन्दू समाज की एक बैठक रखी थी। पर शाम होते होते मीटिंग के नियत समय के महज कुछ समय पहले ही सोशल मीडिया पर सूचना जारी कर मीटिंग को निरस्त करार दिया। मन्दिर ट्रस्ट की ओर से लिखा कि हमे जानकारी प्राप्त हुई कि कुछ लोगो द्वारा इस बैठक में आकर माहौल खराब करने की सूचना हमारे पास आई है।  इसको लेकर हमने प्रशासन को भी सूचित कर इस आशंका से अवगत करा दिया है। क्योंकि मन्दिर की प्रतिष्ठा हमारे लिए सर्वोपरि है। 

     पद मुक्त वाले पत्र में मेरे ओरिजनल साइन है बस मैं इतना ही कहना चाहूंगा।

गोविंद गुप्ता, ट्रस्टी श्री राधेश्याम मन्दिर

     पद मुक्त वाले लेटर की हमको कोई जानकारी नही मिली। उसमे मेरे पिता के साइन भी नही है। बस हम राठी जी के साथ है।

गोरु माहेश्वरी पुत्र रमेशचंद मांधना ट्रस्टी 

     किस दबाव, प्रभाव या मजबूरी में आकर कुछ लोगों ने अपना निर्णय बदल लिया है, इसकी जानकारी तो वही दे सकते हैं। लेकिन जनता और समाज के सामने सच आ चुका है। हस्ताक्षर करके मुकर जाना, जनता के भरोसे के साथ खिलवाड़ है।

प्रितपाल सिंह, मुख्य सदस्य व सूचनाकर्ता सर्व धर्म हिन्दू रक्षा समिति

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