पत्नी और उसके सहयोगी को पति की हत्या के मामले में आजीवन कारावास

भवानीमंडी । अपर जिला एवं सत्र न्यायालय भवानीमंडी के न्यायाधीश राजीव दत्तात्रेय ने ग्राम सांगरिया निवासी शिवराज सिंह की हत्या के चर्चित मामले में उसकी पत्नी और उसके सहयोगी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर लोक अभियोजक हेमराज शर्मा द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार यह मामला थाना सुनेल की एफआईआर संख्या 204/2024 से संबंधित है।

मृतक शिवराज सिंह के भाई नरेंद्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 13 जुलाई 2024 को सुबह लगभग 6 बजे शिवराज सिंह का शव उसके खेत पर बने मकान पर मिला। मृतक के सिर से खून बह रहा था तथा हाथ में मिट्टी की सिगड़ी लिपटी हुई थी। पुलिस ने जांच के बाद मृतक की पत्नी इन्द्रा देवी एवं उसके सहयोगी सुरेन्द्र सिंह के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 23 गवाहों के बयान एवं 65 दस्तावेज तथा 8 वस्तु साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने दोनों आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 3(5) के तहत हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास एवं 20,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। इसके अतिरिक्त धारा 238(ए) के तहत 7 वर्ष के कठोर कारावास एवं 10,000 रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई।

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