भोपाल | राजधानी भोपाल के पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में अब यात्री ई-बसों में भी सफर कर सकेंगे। सोमवार से 5 दिन के लिए यात्रियों के साथ ट्रायल होगा। 3 रूट पर कुल 10 बसें दौड़ेंगी। बीते 5 दिन तक खाली बसें रूट पर दौड़ाई गई थीं। ताकि, पता चल सके कि रूट में क्या खामियां हैं और सुधार की क्या जरूरत है?
ई-बसों का जिन 3 रूट पर संचालन होगा, उनमें चिरायु हॉस्पिटल से डीबी मॉल मेट्रो स्टेशन वाया बैरागढ़ चिचली तक, चिरायु हॉस्पिटल से डीबी मॉल मेट्रो स्टेशन और फिर कोच फैक्ट्री शामिल हैं। अलग-अलग समय पर कुल 10 बसें दौड़ेंगी।
हालांकि, यात्रियों से किराया वसूला जाएगा। यह वर्ष 2022 में परिवहन विभाग द्वारा पूर्व से अनुमोदित किराया दर से शामिल हैं।
सबसे प्रमुख दिव्यांगों के चढ़ने-उतरने के लिए हाईड्रोलिक डोर हैं। जिनके जरिए वे ट्रायसिकल, व्हील चेयर समेत बस में आ-जा सकेंगे। इन बसों में जिस जगह हाईड्रोलिक डोर है, उसके ठीक सामने इतनी जगह है कि दो व्ही लचेयर या ट्रायसिकल एक साथ खड़ी हो सके। दिव्यांगजनों के लिए पहली बार बस में यह सुविधा दी गई है।
भोपाल के ट्रैफिक के लिहाज से इसलिए खास
ई-बस की लंबाई 9 मीटर और चौड़ाई करीब साढ़े 3 मीटर है, जबकि वर्तमान में जो सिटी बसें चल रही हैं, उनकी लंबाई 12 मीटर तक है। ऐसे में कई बार ये बसें तंग सड़कों और ट्रैफिक में फंस जाती है। ई-बसों के साथ ऐसा नहीं होगा। कुछ रूट पर ट्रैफिक जाम के हालात में जरूर दिक्कतें हो सकती हैं।
ऐसे होगा संचालन
बसों का संचालन दो शिफ्ट में किया जाएगा। पहली शिफ्ट सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक रही। दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक रहेगी।
21 बसें पहुंचीं, 20 और आएंगी
निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी और एमआईसी मेंबर मनोज राठौर ने बताया कि भोपाल में अब तक 21 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं। अगले 10 से 12 दिन में 20 और नई बसें आने की उम्मीद है। इसके बाद शहर में इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा और बढ़ जाएगा। बसों के संचालन के लिए बैरागढ़ डिपो में चार्जिंग व्यवस्था भी तैयार कर ली गई है।
यहां 11 चार्जर पाइंट लगाए जा चुके हैं। ताकि, नियमित संचालन शुरू होने के बाद बसों को चार्जिंग की समस्या का सामना न करना पड़े। ट्रायल सफल होने के बाद यात्रियों के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
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