मल्हारगढ़ छात्रावास के दलित छात्र रोज 6 किमी पैदल जाने को मजबूर, सामने से गुजरती बस में नहीं मिलती जगह

मल्हारगढ़ (मंदसौर)। शिक्षा का अधिकार पाने के लिए संघर्ष कैसा होता है, इसकी मिसाल मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ स्थित अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावास में रहने वाले करीब 25 से 30 छात्र रोज पेश कर रहे हैं। ये छात्र हर दिन सुबह और शाम कुल 6 किलोमीटर पैदल चलकर सांदीपनि विद्यालय पहुंचते हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि जिस मार्ग से ये छात्र पैदल स्कूल जाते हैं, उसी रास्ते से विद्यालय की बस भी गुजरती है, लेकिन नियमों का हवाला देकर उन्हें बस में बैठने की अनुमति नहीं दी जाती।

भारी बैग लेकर रोज 3 किमी पैदल सफर
छात्रों ने बताया कि वे रोज सुबह करीब साढ़े नौ बजे छात्रावास से निकलते हैं। भारी स्कूल बैग के साथ उन्हें लगभग 3 किलोमीटर पैदल चलकर विद्यालय पहुंचना पड़ता है। छुट्टी के बाद उतनी ही दूरी तय कर वापस छात्रावास लौटना पड़ता है। इस तरह प्रतिदिन करीब दो घंटे का समय केवल आने-जाने में ही खर्च हो जाता है, जिसका असर पढ़ाई और विश्राम दोनों पर पड़ता है।

बारिश में भीगती किताबें, फोरलेन पार करने का खतरा
बारिश के मौसम में इन छात्रों की परेशानी और बढ़ जाती है। तेज बारिश में कपड़े और स्कूल बैग पूरी तरह भीग जाते हैं, जिससे किताबें और कॉपियां खराब हो जाती हैं। कई बार सड़क पर पानी भर जाने से पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। रास्ते में पड़ने वाली फोरलेन सड़क पार करना छात्रों के लिए सबसे बड़ा जोखिम बन जाता है, जहां तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

रोज सामने से गुजरती है बस, फिर भी नहीं मिलता सफर
छात्रों का कहना है कि उन्हें सबसे अधिक पीड़ा इस बात की है कि विद्यालय की बस रोज उनके सामने से गुजरती है, लेकिन उन्हें उसमें बैठने की अनुमति नहीं दी जाती। उनका कहना है कि यदि बस में कुछ सीटें उपलब्ध करा दी जाएं तो उनकी रोज की बड़ी परेशानी समाप्त हो सकती है।


कांग्रेस ने उठाया मामला: 
जिला कांग्रेस महासचिव अनिल शर्मा ने इसे छात्रों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि मल्हारगढ़-नारायणगढ़ मार्ग स्थित छात्रावास के कक्षा 9वीं और 11वीं के विद्यार्थी रोज पैदल स्कूल जाने को मजबूर हैं, जबकि स्कूल बसें उसी मार्ग से गुजरती हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल बस सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।

कांग्रेस नेता बाबूखां मेवाती ने भी मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के विधानसभा क्षेत्र में दलित वर्ग के छात्रों को कई किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन इस समस्या के समाधान को लेकर गंभीर नहीं है।

प्राचार्य ने माना छात्रावास दूर, समाधान का दिया भरोसा
सांदीपनि विद्यालय मल्हारगढ़ के प्राचार्य अशोक कुमार वाघेला ने बताया कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थी आवासीय श्रेणी में आते हैं और वर्तमान नियमों के अनुसार उन्हें स्कूल बस या साइकिल योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता। साइकिल योजना केवल उन विद्यार्थियों के लिए है जो दूसरे गांव से पढ़ने आते हैं।

हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि छात्रावास विद्यालय से काफी दूरी पर स्थित है। उन्होंने कहा कि मामला अब उनके संज्ञान में आया है और वे एसडीएम से चर्चा कर पिपलिया मंडी की ओर से आने वाली स्कूल बसों में इन छात्रों को बैठाने की व्यवस्था कराने का प्रयास करेंगे, ताकि विद्यार्थियों को राहत मिल सके।

सवाल अब भी कायम
मल्हारगढ़ के इन छात्रों की समस्या केवल परिवहन की नहीं, बल्कि शिक्षा तक समान पहुंच की भी है। जब विद्यालय की बस उसी मार्ग से गुजर रही है, तो क्या कुछ सीटें उपलब्ध कराकर इन छात्रों की मुश्किल कम नहीं की जा सकती? अब सभी की नजर प्रशासन और शिक्षा विभाग के निर्णय पर टिकी है।

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