शहरी सेवा शिविर में भवानीमंडी आये जिला कलक्टर बोले हम पट्टों के लिए लोगो की चपले घिसने नही देंगे, ट्रैफिक जाम पर तंज कसते हुवे बोले- सब व्यापारी मिलकर बता दे हम हटवा देंगे, अतिक्रमण हटाना तो मेरा प्रिय विषय है

चित्र- मंच से लोगो को सम्बोधित करते कलक्टर अजय सिंह
भवानीमंडी । जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ बुधवार को भवानीमंडी में तिरंगा यात्रा में शामिल होने से पहले नगर पालिका में राज्य सरकार के शहरी सेवा शिविर में लोगो की समस्या सुनने और पट्टे बांटने पहुँचे। स्वागत व माल्यार्पण के बाद कलक्टर मंच से बोले कि हम किसी को पट्टा देने के लिए नही बुलायेगे। उनको पट्टा अपनी- अपनी जगह पर ही जाकर दे दिया जाए। हम उनको उनकी जगह पर जाकर माला पहनाएंगे। क्योंकि लोग कहते है कि पट्टा लेने में चप्पलें घिस जाती है। इस पर पूरा परिसर हसनुमा हो गया। आगे बोले कि पूरे झालावाड़ जिले में हमने किसी का पट्टा नही रुकने दिया। जो पात्र है उनको पट्टा जरूर मिला है। वही मेला मैदान की जमीन पर भी खेल मैदान बनने जा रहा है। आमजन से चर्चा में सांडों की समस्या को लेकर नपा ईओ शंभूलाल से जवाब तलब कर झालावाड़ से टीम भेजकर समाधान के निर्देश दिए। वही ट्रेफिक की समस्या उठाने पर कलक्टर बोले कि अतिक्रमण हटाना मेरा प्रिय विषय है। हमने जिले में कई गोचर भूमियों को अतिक्रमण मुक्त करवाया है। जब भी लोग आते है हमने गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाया। पर जब लोग नही आए और हम कब्जा हटवाकर आ गए तो लोग फिर से कब्जा कर लेते है। लोगो का आगे आना जरूरी है। गोचर पर कब्जा करने वाला गौ हत्यारे जैसा है। ट्रेफिक के समाधान के लिए हम तो मैदान में उतर जाएंगे। पर आप मे से ही कोई बचाव करने आ जायेगा। इसीलिए पहले आप सब व्यापार मिलकर तय कर ले और हमे बता दे हम हटवा देंगे। अतिक्रमण हटाने में तो कोई पैसा ही नही लगता है। विकास कार्यो में सरकार का पैसा भी खर्च होता है। वही एसडीएम श्रद्धा गोमे की कार्यशैली पर चुटकी लेते हुवे बोले कि पहले ये शहर मंडी था, अब जब से यह 'भवानी' यहां आई है भवानीमंडी बन गया है। कई मंदिरों, सार्वजनिक हित की जमीनों के पट्टे बना दिये गए। भवानीमंडी एसडीएम कोर्ट पूरे राजस्थान में सबसे ज्यादा राजस्व प्रकरणों का निस्तारण करने में शामिल है। इस दौरान कलक्टर अजय सिंह राठौड़ सहित एसडीएम श्रद्धा गोमे, जिला परिषद सीओ शंभूलाल मीणा, पूर्व नपाध्यक्ष रामलाल गुर्जर, मंडल अध्यक्ष प्रदीप जैन, सुरेश जैन आदि मंचासीन रहे।

0 Comments

Post a Comment

Post a Comment (0)

Previous Post Next Post