झालावाड़ | जिले ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) में प्रदेश में सबसे अधिक 49,984 आवासों की स्वीकृति हासिल कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए स्वीकृत इन आवासों में 100 प्रतिशत लाभार्थियों को पहली, 81 प्रतिशत को दूसरी और 49 प्रतिशत को तीसरी किस्त का भुगतान किया जा चुका है।
इससे हजारों गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के पक्के और सुरक्षित घर का सपना तेजी से साकार हो रहा है।
प्रदेश में सबसे अधिक आवासों की स्वीकृति
जिला परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शम्भुदयाल मीणा ने बताया कि वर्ष 2024-25 और 2025-26 के लिए झालावाड़ जिले में सर्वाधिक 49,984 आवास स्वीकृत किए गए हैं। यह उपलब्धि जिले को ग्रामीण आवास निर्माण स्वीकृति के मामले में प्रदेश का अग्रणी जिला बनाती है।
किस्तों के भुगतान से निर्माण कार्य को मिली रफ्तार
स्वीकृत आवासों में सभी लाभार्थियों को पहली किस्त जारी की जा चुकी है। वहीं 81 प्रतिशत लाभार्थियों को दूसरी और 49 प्रतिशत को तीसरी किस्त का भुगतान भी हो चुका है। शेष आवासों का निर्माण कार्य प्रगति पर है और उन्हें भी समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
समन्वित प्रयासों से मिली सफलता
यह उपलब्धि जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, जिला परिषद्, पंचायत समितियों, ग्राम पंचायतों और मैदानी कार्मिकों के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। इन सभी के सहयोग से योजना का लाभ पात्र परिवारों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा रहा है।
गरीब परिवारों को मिल रहा सुरक्षित पक्का आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के बेघर तथा कच्चे या जर्जर मकानों में रहने वाले पात्र परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से युक्त पक्का और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। योजना के तहत आर्थिक सहायता चरणबद्ध तरीके से दी जाती है, जिससे लाभार्थी अपनी आवश्यकता के अनुरूप सम्मानजनक आवास का निर्माण कर सकें।
सपनों को मिल रही मजबूत छत
योजना के माध्यम से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। जिन परिवारों के लिए कभी पक्का घर बनाना मुश्किल था, वे अब सरकारी सहायता से सुरक्षित और टिकाऊ आवास तैयार कर रहे हैं। यह योजना गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण का भी प्रभावी माध्यम बन रही है।
तीन चरणों में मिलती है आर्थिक सहायता
योजना के तहत लाभार्थियों को तीन चरणों में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। प्रथम किस्त के रूप में 15 हजार रुपए, द्वितीय किस्त में 45 हजार रुपए तथा तृतीय किस्त में 60 हजार रुपए दिए जाते हैं। इसके अलावा लाभार्थियों को 90 दिनों का रोजगार तथा शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपए की अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।
समयबद्ध भुगतान से तेज हुआ निर्माण
किस्तों के समय पर भुगतान से आवास निर्माण कार्य लगातार गति पकड़ रहा है। प्रथम किस्त का शत-प्रतिशत भुगतान होने के बाद अधिकांश लाभार्थियों ने निर्माण शुरू कर दिया है, जबकि दूसरी और तीसरी किस्त मिलने से निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। शेष आवासों को भी निर्धारित समय में पूरा कराने के लिए संबंधित विभाग लगातार निगरानी कर रहा है।

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