पानी की अनियमित सप्लाई के बीच नल बिल वसूली, अमृत 2.0 योजना शुरू होने तक बिल रोकने की मांग

भैंसोदामंडी । नगर परिषद भैंसोदामंडी में नल बिलों की वसूली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इस संबंध में नगर परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नगर परिषद अध्यक्ष प्रत्याशी की ओर से शिकायत सौंपकर अमृत 2.0 योजना का काम पूरा होने तक नल बिलों की वसूली रोकने की मांग की गई है। बताया कि नगर में अमृत 2.0 योजना वर्ष 2023 से चल रही है और योजना का काम करीब एक वर्ष पहले पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन ठेकेदार द्वारा समय पर काम पूरा नहीं किया गया। नगर परिषद द्वारा भी ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, जिसका खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है।

चार से आठ दिन में मिल रहा पानी

वर्तमान में नगर परिषद की टंकी से लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। आरोप है कि कई इलाकों में नल से पानी चार, छह या आठ दिन के अंतराल में मिल रहा है और सप्लाई भी महज 15 से 20 मिनट तक रहती है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं से पूरे वर्ष का नल बिल वसूल रहे है। पार्षद अंशुलराज पाटीदार ने बताया कि पुरानी लोहे की जंग लगी पानी की टंकी से सप्लाई की जारी है। उपयोग को लेकर भी सवाल खड़े करते हुए इसे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला बताया है।

जितने दिन पानी मिला, उसी आधार पर बिल लेने की मांग

लोगो की मांग की है कि जब तक अमृत 2.0 पेयजल योजना का लाभ नियमित रूप से नहीं मिलता, तब तक नल बिलों की वसूली रोकी जाए। साथ ही पहले से लिए जा रहे 12 माह के बिलों की समीक्षा कर यह देखा जाए कि अमृत 2.0 योजना शुरू होने के बाद वास्तव में कितने दिनों तक उपभोक्ताओं को नल से पानी उपलब्ध कराया गया। उसी के आधार पर बिल वसूली की मांग की गई है। शिकायत में चेतावनी दी गई है कि यदि नगर परिषद द्वारा इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।

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